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    कानपुर के पुलिस कमिश्नर असीम अरुण जी कर रहे हैं बहुत ही अच्छा कार्य लगातार पांचवा रविवार अबकी 100 के पार... रक्तदान महादान

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कानपुर के पुलिस कमिश्नर असीम अरुण जी कर रहे हैं बहुत ही अच्छा कार्य लगातार पांचवा रविवार अबकी 100 के पार... रक्तदान महादान

परिधि समाचार कानपुर: थैलीसीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए पुलिस कमिश्नरेट कानपुर द्वारा की गई रक्तदान की पहल में लगातार पांचवा रविवार शतक बना गया इस बार किदवई नगर थाने के रॉयल मन्दाकिनी होटल में रक्तदान शिविर लगाया गया। पुलिस कमिश्नरेट कानपुर द्वारा आयोजित इस रक्तदान शिविर में 200 से अधिक लोगो ने प्रतिभाग किया जिसमे कुल 117 लोगों के द्वारा रक्तदान किया जा सका| रक्तदान के लिए कई यूथ वालंटियर के द्वारा लोगो तक जागरूकता का सन्देश पहुंचाने का काम भी किया जाता रहा। शिविर में पुलिस के 38 व 79 सम्मानित लोगों ने रक्तदान किया। रक्तदान शिविर में अपर पुलिस आयुक्त श्री आकाश कुल्हरी ने रक्तदान करने वालों का हौसला अफजाई करते हुए प्रमाण पत्र दिये। इस अवसर पर ad.dcp साउथ डॉ. अनिल कुमार,एसीपी बाबूपुरवा श्री अलोक कुमार, थाना प्रभारी किदवई नगर राजीव कुमार व आदि सहयोगी संस्थाएं मौजूद रही

आरक्षी सिपाही सागर पोरवाल एक अच्छा कार्य करने में हो रहे हैं सफल

परिधि समाचार कानपुर एक सिपाही के लगातार प्रयास को मिली उड़ान आरक्षी सागर पोरवाल तैनात हैं कानपुर पुलिस कमिश्नरेट मीडिया सेल में  खुद 16 बार जागरूकता का सन्देश देने के लिए किया रक्तदान पुलिस और पब्लिक के सहयोग से बड़े स्तर पर थानावार प्रत्येक रविवार रक्तदान का मानवीय कार्य थैलेसीमिया सी पीड़ित बच्चों के लिये किया जा रहा है रक्तदानपूरे भारत वर्ष में पहला प्रदेश जो उत्तर प्रदेश पुलिस के पुलिस कमिश्नरेट कानपुर नगर के द्वारा चलाया गया अभियानअभी तक 5 रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा चुका हैं जिसमे कुल 447 यूनिट रक्तदान किया गया है|पुलिस का ऐसा रूप जो कानपुर नगर वासियो को पसंद आ रहा है जिसमे कई संस्थाएं सहयोग के लिए निरंतर प्रयासरत हैं

पुलिस कमिश्नर कानपुर द्वारा रक्तदान लगातार चौथा रविवार 50 के पार

कानपुर परिधि समाचार थैलीसीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए पुलिस कमिश्नरेट कानपुर द्वारा की गई रक्तदान की पहल में लगातार चौथा रविवार भी 50 के पार रहा । इस बार चकेरी थाने के मलिक गेस्ट हाउस में रक्तदान शिविर लगाया गया। पुलिस कमिश्नरेट कानपुर द्वारा कई पुलिसकर्मी और कई संस्थाएं जोकि रक्तदान मैं शामिल हुई अमर उजाला फाउंडेशन ओम जन सेवा संस्थान ने आयोजित इस रक्तदान शिविर में 130 से अधिक लोगो ने प्रतिभाग किया जिसमे कुल 74 लोगों के द्वारा रक्तदान किया जा सका| रक्तदान के लिए कई यूथ वालंटियर के द्वारा लोगो तक जागरूकता का सन्देश पहुंचाने का काम भी भी किया जाता रहा। शिविर में पुलिस के 24 व 50 सम्मानित लोगों ने रक्तदान किया। रक्तदान शिविर में पुलिस आयुक्त असीम अरुण ने रक्तदान करने वालों की हौसला आफजाई करते हुए प्रमाण पत्र दिये। इस अवसर पर ओम जन सेवा संस्थान की संस्थापक अध्यक्ष शिव देवी अग्रहरि (सीमा) डीसीपी ईस्ट अनूप कुमार सिंह, एसीपी अनवरगंज मो.अकमल थाना प्रभारी चकेरी अमित तोमर, सागर पोरवाल मलिक गेस्ट हाउस के मालिक सुखवीर सिंह मलिक सीमा अग्रवाल सिविल डिफेंस आदि सम्मानित जन मौजूद रहे।

योगी सरकार का जनसंख्या नियंत्रण कानून का ड्राफ्ट तैयार

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने जनसंख्या नियंत्रण कानून का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। राज्य विधि आयोग के अध्यक्ष जस्टिस आदित्यनाथ मित्तल ने इसे तैयार किया है। यदि ये ड्राफ्ट कानून में बदला तो UP में भविष्य में जिनके 2 से ज्यादा बच्चे होंगे, उन्हें सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी। ऐसे लोग कभी चुनाव भी नहीं लड़ पाएंगे। उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। विधि आयोग का दावा है कि अनियंत्रित जनसंख्या के कारण पूरी व्यवस्था प्रभावित हो रही है। आयोग ने ड्राफ्ट पर 19 जुलाई तक जनता से राय मांगी है। इससे पहले लव जिहाद कानून का ड्राफ्ट भी आदित्यनाथ मित्तल ने ही तैयार किया था। ड्राफ्ट की बड़ी बातें दो से अधिक बच्चों के अभिभावकों को सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी। स्थानीय निकाय और पंचायत का चुनाव भी नहीं लड़ सकते। राशन कार्ड में भी चार से अधिक सदस्यों के नाम नहीं लिखे जाएंगे। 21 साल से अधिक उम्र के युवक और 18 साल से अधिक उम्र की युवतियों पर एक्ट लागू होगा। जनसंख्या नियंत्रण से संबंधित पाठ्यक्रम स्कूलों में पढ़ाए जाने का सुझाव भी दिया है। कानून लागू होने के बाद यदि किसी महिला को दूसरी प्रेग्नेंसी में जुड़वा बच्चे होते हैं, तो वह कानून के दायरे में नहीं आएंगी। तीसरे बच्चे को गोद लेने पर रोक नहीं रहेगी। यदि किसी के 2 बच्चे नि:शक्त हैं तो उसे तीसरी संतान होने पर सुविधाओं से वंचित नहीं किया जाएगा। सरकारी कर्मचारियों को शपथ पत्र देना होगा कि वे इस कानून का उल्लंघन नहीं करेंगे। दो बच्चे वालों को ये फायदा दो बच्चे की नीति अपनाने वाले अभिभावकों को कई तरह की सुविधाएं मिलेंगी। ऐसे पेरेंट्स जिनके दो बच्चे हैं और वे सरकारी नौकरी में हैं और अपनी इच्छा से नसबंदी कराते हैं तो उन्हें दो एक्स्ट्रा इंक्रीमेंट, प्रमोशन, सरकारी आवासीय योजनाओं में छूट, PF में एंप्लायर कॉन्ट्रिब्यूशन जैसी सुविधाएं मिलेंगी। पानी, बिजली, हाउस टैक्स में भी छूट मिलेगी। एक संतान पर स्वयं नसबंदी कराने वाले अभिभावकों की संतान को 20 साल तक मुफ्त इलाज, शिक्षा, बीमा शिक्षण संस्था व सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता देने की सिफारिश है। वन चाइल्ड पॉलिसी अपनाने पर फ्री एजुकेशन वन चाइल्ड पॉलिसी स्वीकार करने वाले BPL श्रेणी के माता-पिता को विशेष तौर पर प्रोत्साहित करने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत जो माता–पिता पहला बच्चा पैदा होने के बाद आपरेशन करा लेंगे‚ उन्हें कई तरह की सुविधाएं दी जाएंगी। पहला बच्चा बालिग होने पर 77 हजार और बालिका पर एक लाख की विशेष प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। ऐसे माता–पिता की पुत्री को उच्च शिक्षा तक मुफ्त पढ़ाई‚ जबकि पुत्र को 20 वर्ष तक नि:शुल्क शिक्षा मिलेगी। 19 जुलाई तक जनता से मांगी राय मांगी राज्य विधि आयोग ने ड्राफ्ट को उत्तर प्रदेश जनसंख्या (नियंत्रण, स्थिरीकरण व कल्याण) विधेयक-2021 नाम दिया है। आयोग ने ड्राफ्ट अपनी वेबसाइट http://upslc.upsdc.gov.in/ पर शुक्रवार को ही अपलोड कर दिया है। 19 जुलाई तक जनता से राय मांगी गई है। यह ड्राफ्ट ऐसे समय में पेश किया गया है, जब 11 जुलाई को योगी आदित्यनाथ सरकार नई जनसंख्या नीति जारी करने जा रही है। हम किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं जस्टिस आदित्य मित्तल ने कहा कि जानबूझकर कोई कानून का उल्लंघन करेगा तो उसे कानूनी सुविधाओं का लाभ नहीं मिलेगा, क्योंकि हमने सोच समझकर नीति बनाई है। हम किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं हैं। हम चाहते हैं कि जनसंख्या नियंत्रण में मदद करने वालों को योजनाओं का लाभ मिले। एक साल बाद किया जाएगा लागू कानून के मौजूदा ड्राफ्ट के मुताबिक ये विधेयक राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से एक साल बाद लागू होगा। एक से ज्यादा शादी के मामले में, बच्चों की सही संख्या जानने के उद्देश्य से प्रत्येक जोड़े को एक विवाहित जोड़े के रूप में गिना जाएगा।

डेल्टा प्लस को लेकर सरकार अलर्ट-योगी


बाहर से आने वालों पर पैनी निगाह, जीनोम सिक्वेंसिंग आवश्यक
लखनऊ 25 जून।कोरोना की दूसरी लहर पर काबू पाने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार वायरस के नये वैरिएंट डेल्टा प्लस को लेकर सतर्क है।  इससे बचाव के लिये उठाये जा रहे कदमों के तहत बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की जीनोम सिक्वेंसिंग पर अधिक जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज शुक्रवार को कोविड-19 प्रबंधन के लिये गठित टीम-09 की बैठक में कहा कि कई राज्यों में कोरोना वायरस के नये वैरिएंट ‘डेल्टा प्लस’ से संक्रमित मरीज पाए गये हैं। उत्तर प्रदेश को विशेष सतर्कता बरतनी होगी। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों के अनुसार इस बार का वैरिएंट पहले की अपेक्षा कहीं अधिक खतरनाक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ परामर्श समिति ने बचाव के लिए अनुशंसा रिपोर्ट तैयार की है जिसके अनुसार  अन्य आयु के लोगों की अपेक्षा बच्चों पर अधिक दुष्प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों के परामर्श के अनुरूप बिना देर किए जरूरी कदम उठाए जाएं। लोगों को सही जानकारी प्राप्त हो इसके लिए राज्य स्तरीय स्वास्थ्य विशेषज्ञ परामर्श समिति के सदस्यों व अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों के माध्यम से जन जागरूकता के प्रयास किए जाएं। मीडिया से भी सहयोग लिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड के डेल्टा प्लस वैरिएंट की गहन पड़ताल के लिए अधिकाधिक सैम्पल की जीनोम सिक्वेंसिंग कराई जाए। रेलवे, बस , वायु मार्ग से प्रदेश में आ रहे लोगों के सैम्पल लेकर सिक्वेंसिंग कराई जानी चाहिए। जिलों से भी सैम्पल लिए जाएं। रिजल्ट के अनुसार डेल्टा प्लस प्रभावी क्षेत्रों की मैपिंग कराई जाए। इससे बचाव के प्रयासों में सुविधा होगी। प्रदेश में जीनोम सिक्वेंसिंग की सुविधा के लिए केजीएमयू और बीएचयू में आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएं।विगत दिनों कराये गए सीरो सर्वे के प्रारंभिक परिणाम अच्छे संकेत देने वाले हैं। शुरुआती नतीजों के मुताबिक सर्वेक्षण में लोगों में हाई लेवल एंटीबॉडी की पुष्टि हुई है।  वायरस से इस लड़ाई में सभी की भूमिका महत्वपूर्ण है। डबल मास्क, सैनिटाइजेशन, दो गज की दूरी जैसे कोविड बचाव संबंधी व्यवहार को हमें अपनी जीवनशैली में शामिल करना ही होगा। भीड़भाड़ से बचें। थोड़ी लापरवाही, बहुत भारी पड़ सकती है।  कोरोना से बचाव के लिए टीका-कवर उपयोगी है। जून माह में हमने एक करोड़ प्रदेशवासियों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा था, 24 जून को 06 दिन शेष रहते ही, इस लक्ष्य को पूर्ण कर लिया गया। उत्तर प्रदेश में अब तक 02 करोड़ 90 लाख से अधिक वैक्सीन डोज लगाए जा चुके हैं। करीब 42 लाख लोगों ने टीके के दोनों डोज प्राप्त कर लिए हैं।  आगामी 01 जुलाई से हर दिन न्यूनतम 10 लाख लोगों को टीका-कवर देने के लक्ष्य के साथ काम किया जाए। विकास खंडों को क्लस्टर में बांटकर वैक्सीनेशन की हमारी नीति के अच्छे परिणाम मिले हैं। अभी पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यह एक तिहाई विकास खंडों में लागू है, 01 जुलाई से इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाए। कोरोना महामारी के दृष्टिगत प्रदेश की स्थिति हर दिन के साथ बेहतर होती जा रही है। संक्रमण दर 0.1 परसेंट से भी कम स्तर पर आ चुका है, जबकि रिकवरी दर 98.5 फीसदी है। ज्यादातर जिलों में संक्रमण के नए केस इकाई अंकों में आ रहे हैं, तो 50-52 से अधिक जिलों में 50 से कम एक्टिव केस ही हैं। वर्तमान में कुल एक्टिव केस घटकर 3,423 रह गए हैं। 2,078 लोग होम आइसोलेशन में उपचाराधीन हैं। अब तक कुल 16 लाख 79 हजार 416 प्रदेशवासी कोरोना से लड़ाई जीत कर स्वस्थ हो चुके हैं। 24 घंटे में एक ओर जहां 02 लाख 69 हजार 272 सैम्पल टेस्ट हुए, वहीं मात्र 226 नए पॉजिटिव केस आये और 320 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज भी हुए। उत्तर प्रदेश में अब तक 05 करोड़ 65 लाख 40 हज़ार 503 कोविड टेस्ट हो चुके हैं। विशेष पदों को छोड़कर, अस्पताल प्रशासन  प्रबंधन में चिकित्सकों की तैनाती अपरिहार्य स्थिति में की जानी चाहिए। चिकित्सक का प्रथम और प्रमुख कार्य मरीज का उपचार करना है, उन्होंने इसी सेवा के लिए अध्ययन और प्रशिक्षण प्राप्त किया है। अन्य कार्यों में उनकी तैनाती, चिकित्सकों को उनके मूल कर्तव्य से विमुख करती है। अस्पताल प्रशासन प्रबंधन के कार्यों के लिए मास्टर इन हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन अथवा हॉस्पिटल मैनेजमेंट में एमबीए उपाधिधारक युवाओं को अवसर दिया जाना चाहिए। इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए।  उत्तर प्रदेश ऑक्सीजन जेनेरेशन के क्षेत्र में आफत्मनिर्भर हो रहा है। कल 05 और प्लांट की स्वीकृति दी गई है। अब 114 ऑक्सीजन प्लांट क्रियाशील हो चुके हैं। भारत सरकार के सहयोग से पीएम केयर्स के माध्यम से निर्माणाधीन ऑक्सीजन प्लांट्स को 15 अगस्त तक क्रियाशील कर लिया जाए। मॉनीटरिंग के लिए नोडल अधिकारी तैनात किया जाए। प्लांट स्थापना से जुड़े कार्यों की सतत समीक्षा की जाए।

मनोरंजन

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मौनी रॉय ने जलेबी बेबी पर किया डांस


ऐक्ट्रेस मौनी रॉय सोशल मीडिया पर बेहद पॉप्युलर हैं। वह अपने फैंस के लिए एंटरटेनिंग वीडियो और अपनी तस्वीरें पोस्ट करती रहती हैं। रीसेंटली उन्होंने कुछ फोटोज के साथ एक वीडियो पोस्ट किया है। इस वीडियो में मौनी श्जलेबी बेबीश् पर डांस करती दिख रही हैं। मौनी का डांस देखकर कई लोगों को नागिन की याद आ गई है।
खूबसूरत दिख रही हैं मौनी
मौनी रॉय के लेटेस्ट पोस्ट ने इंस्टाग्राम पर आग लगा रखी है। उन्होंने कुछ खूबसूरत तस्वीरें पोस्ट की हैं साथ में वीडियो भी शेयर किया है। इस वीडियो में वह जलेबी बेबी में डांस कर रही हैं। मौनी के लुक ने लोगों को नागिन की याद दिला दी है। उनके एक फॉलोअर ने कॉमेंट किया है, सच में ब्लैक कोबरा लग रही हो। एक ने लिखा है, नागिन डांस में आप नागिन को हरा दोगी। एक और ने लिखा है, नागिन जलवा।
बुक लवर हैं मौनी रॉय
मौनी रॉय बुक लवर हैं। वह अक्सर किताब पढ़ती दिखती हैं। सोशल मीडिया पर भी वह किताबों के कोट्स शेयर करती रहती हैं। उनके फिटनेस वीडियोज भी काफी मोटिवेट करने वाले होते हैं। मौनी रॉय ने क्योंकि सास भी कभी बहू थी सीरियल से घर-घर अपनी पहचान बनाई थी। वह बिग बॉस, नच बलिये और झलक दिखला जा जैसे शोज में भी आ चुकी हैं। मौनी नागिन 1, नागिन 2 और नागिन 3 में अपनी ऐक्टिंग से लोगों का दिल जीत चुकी हैं। अब वह अयान मुखर्जी की फिल्म ब्रह्मास्त्र में नजर आएंगी। फिल्म में रणबीर कपूर, आलिया भट्ट और अमिताभ बच्चन मुख्य भूमिकाओं में हैं।

 

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यू. पी राज्य

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योगी सरकार का जनसंख्या नियंत्रण कानून का ड्राफ्ट तैयार

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने जनसंख्या नियंत्रण कानून का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। राज्य विधि आयोग के अध्यक्ष जस्टिस आदित्यनाथ मित्तल ने इसे तैयार किया है। यदि ये ड्राफ्ट कानून में बदला तो UP में भविष्य में जिनके 2 से ज्यादा बच्चे होंगे, उन्हें सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी। ऐसे लोग कभी चुनाव भी नहीं लड़ पाएंगे। उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। विधि आयोग का दावा है कि अनियंत्रित जनसंख्या के कारण पूरी व्यवस्था प्रभावित हो रही है। आयोग ने ड्राफ्ट पर 19 जुलाई तक जनता से राय मांगी है। इससे पहले लव जिहाद कानून का ड्राफ्ट भी आदित्यनाथ मित्तल ने ही तैयार किया था। ड्राफ्ट की बड़ी बातें दो से अधिक बच्चों के अभिभावकों को सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी। स्थानीय निकाय और पंचायत का चुनाव भी नहीं लड़ सकते। राशन कार्ड में भी चार से अधिक सदस्यों के नाम नहीं लिखे जाएंगे। 21 साल से अधिक उम्र के युवक और 18 साल से अधिक उम्र की युवतियों पर एक्ट लागू होगा। जनसंख्या नियंत्रण से संबंधित पाठ्यक्रम स्कूलों में पढ़ाए जाने का सुझाव भी दिया है। कानून लागू होने के बाद यदि किसी महिला को दूसरी प्रेग्नेंसी में जुड़वा बच्चे होते हैं, तो वह कानून के दायरे में नहीं आएंगी। तीसरे बच्चे को गोद लेने पर रोक नहीं रहेगी। यदि किसी के 2 बच्चे नि:शक्त हैं तो उसे तीसरी संतान होने पर सुविधाओं से वंचित नहीं किया जाएगा। सरकारी कर्मचारियों को शपथ पत्र देना होगा कि वे इस कानून का उल्लंघन नहीं करेंगे। दो बच्चे वालों को ये फायदा दो बच्चे की नीति अपनाने वाले अभिभावकों को कई तरह की सुविधाएं मिलेंगी। ऐसे पेरेंट्स जिनके दो बच्चे हैं और वे सरकारी नौकरी में हैं और अपनी इच्छा से नसबंदी कराते हैं तो उन्हें दो एक्स्ट्रा इंक्रीमेंट, प्रमोशन, सरकारी आवासीय योजनाओं में छूट, PF में एंप्लायर कॉन्ट्रिब्यूशन जैसी सुविधाएं मिलेंगी। पानी, बिजली, हाउस टैक्स में भी छूट मिलेगी। एक संतान पर स्वयं नसबंदी कराने वाले अभिभावकों की संतान को 20 साल तक मुफ्त इलाज, शिक्षा, बीमा शिक्षण संस्था व सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता देने की सिफारिश है। वन चाइल्ड पॉलिसी अपनाने पर फ्री एजुकेशन वन चाइल्ड पॉलिसी स्वीकार करने वाले BPL श्रेणी के माता-पिता को विशेष तौर पर प्रोत्साहित करने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत जो माता–पिता पहला बच्चा पैदा होने के बाद आपरेशन करा लेंगे‚ उन्हें कई तरह की सुविधाएं दी जाएंगी। पहला बच्चा बालिग होने पर 77 हजार और बालिका पर एक लाख की विशेष प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। ऐसे माता–पिता की पुत्री को उच्च शिक्षा तक मुफ्त पढ़ाई‚ जबकि पुत्र को 20 वर्ष तक नि:शुल्क शिक्षा मिलेगी। 19 जुलाई तक जनता से मांगी राय मांगी राज्य विधि आयोग ने ड्राफ्ट को उत्तर प्रदेश जनसंख्या (नियंत्रण, स्थिरीकरण व कल्याण) विधेयक-2021 नाम दिया है। आयोग ने ड्राफ्ट अपनी वेबसाइट http://upslc.upsdc.gov.in/ पर शुक्रवार को ही अपलोड कर दिया है। 19 जुलाई तक जनता से राय मांगी गई है। यह ड्राफ्ट ऐसे समय में पेश किया गया है, जब 11 जुलाई को योगी आदित्यनाथ सरकार नई जनसंख्या नीति जारी करने जा रही है। हम किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं जस्टिस आदित्य मित्तल ने कहा कि जानबूझकर कोई कानून का उल्लंघन करेगा तो उसे कानूनी सुविधाओं का लाभ नहीं मिलेगा, क्योंकि हमने सोच समझकर नीति बनाई है। हम किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं हैं। हम चाहते हैं कि जनसंख्या नियंत्रण में मदद करने वालों को योजनाओं का लाभ मिले। एक साल बाद किया जाएगा लागू कानून के मौजूदा ड्राफ्ट के मुताबिक ये विधेयक राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से एक साल बाद लागू होगा। एक से ज्यादा शादी के मामले में, बच्चों की सही संख्या जानने के उद्देश्य से प्रत्येक जोड़े को एक विवाहित जोड़े के रूप में गिना जाएगा।
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शॉर्ट गेंद खेलने का कोई नया तरीका ढूंढे अजिंक्य रहाणेः वीवीएस लक्ष्मण


पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने न्यूजीलैंड के खिलाफ विश्व टेस्ट चौंपियनशिप फाइनल में भारतीय बल्लेबाजों के प्रदर्शन पर निराशा जताई है। हालांकि लक्ष्मण के मुताबिक उप कप्तान अजिंक्य रहाणे का विकेट सबसे ज्यादा निराशाजनक था।
लक्ष्मण ने लिखा, रविवार को भारतीय टीम के सारे डर उभर कर सामने आए जब न्यूजीलैंड के क्लास और गहराई वाले गेंदबाजी अटैक के सामने साउथम्पटन में उनकी पारी बिखर गई। कीवी टीम ने गेंदबाजों के मददगार हालातों का फायदा उठाया और भारतीय बल्लेबाजों के अनुशासन का लगातार परीक्षण किया।
पूर्व दिग्गज ने लिखा, भारत के नजरिए से, हमारे बल्लेबाजों के पास कीवी गेंदबाजों के सवालों के सही जवाब नहीं थे। इसी वजह से 300 रन को लक्ष्य बनाने के बावजूद भारत 217 रन पर ढेर हो गया। उस लक्ष्य को बोर्ड पर लगाने की भारत की उम्मीदें विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे की कंधों पर टिकी थी। हालांकि विराट 44 रन बनाकर जेमीसन के शानदार सेटअप का शिकार बने।
युवा कीवी पेसर जेमीसन के बारे में उन्होंने लिखाष्उनके जितने लंबे गेंदबाज के लिए वो (फुल) लेंथ डालना जो कि उन्होंने डाली कमाल था, इससे बल्लेबाजों के एलबीडब्ल्यू होने की संभावना बढ़ी। कुछ बैक ऑफ लेंथ गेंदों को कोहली के दूर ले जाने के बाद जेमीसन ने उसी एंगल से अंदर आती गेंद कराई और भारतीय कप्तान को विकेट के सामने बीट किया।
कोहली के आउट होने के बाद स्कोर आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी उप कप्तान रहाणे की थी लेकिन वो भी 49 रन बनाकर नील वेगनर का शिकार बने। लक्ष्मण ने माना कि कोहली का विकेट जरूर जेमीसन के शानदार सेटअप का नतीजा था लेकिन रहाणे का डिसमिसल इस भारतीय बल्लेबाज की पुरानी कमी का परिणाम था।
उन्होंने लिखा, सबसे निराशाजनक डिसमिसल रहामे का था। ये पहली बार नहीं है जब वो शॉर्ट गेंद पर शॉट खेलते हुए आउट हुए हैं, ये पिछले साल क्राइस्टचर्च में भी हुआ था। उन्हें या तो गेंद उस गेंद के रास्ते से हटना या फिर उसे डिफेंड करना सीखना होगा क्योंकि हर बार पुल शॉट खेलना एक खतरनाक विकल्प है। लक्ष्मण ने आगे लिखा, फिर  जब फील्डर को स्क्वायर लेग पर खड़ा किया गया होता तो वो आधा अधूरा शॉट खेलना है। हालांकि भारत का स्कोर भले ही उम्मीद से कम रह हो गया हो, वो पिछले दो साल से शानदार प्रदर्शन कर रहे अपने गेंदबाजों पर भरोसा कर सकते हैं।

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डेल्टा प्लस को लेकर सरकार अलर्ट-योगी


बाहर से आने वालों पर पैनी निगाह, जीनोम सिक्वेंसिंग आवश्यक
लखनऊ 25 जून।कोरोना की दूसरी लहर पर काबू पाने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार वायरस के नये वैरिएंट डेल्टा प्लस को लेकर सतर्क है।  इससे बचाव के लिये उठाये जा रहे कदमों के तहत बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की जीनोम सिक्वेंसिंग पर अधिक जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज शुक्रवार को कोविड-19 प्रबंधन के लिये गठित टीम-09 की बैठक में कहा कि कई राज्यों में कोरोना वायरस के नये वैरिएंट ‘डेल्टा प्लस’ से संक्रमित मरीज पाए गये हैं। उत्तर प्रदेश को विशेष सतर्कता बरतनी होगी। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों के अनुसार इस बार का वैरिएंट पहले की अपेक्षा कहीं अधिक खतरनाक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ परामर्श समिति ने बचाव के लिए अनुशंसा रिपोर्ट तैयार की है जिसके अनुसार  अन्य आयु के लोगों की अपेक्षा बच्चों पर अधिक दुष्प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों के परामर्श के अनुरूप बिना देर किए जरूरी कदम उठाए जाएं। लोगों को सही जानकारी प्राप्त हो इसके लिए राज्य स्तरीय स्वास्थ्य विशेषज्ञ परामर्श समिति के सदस्यों व अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों के माध्यम से जन जागरूकता के प्रयास किए जाएं। मीडिया से भी सहयोग लिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड के डेल्टा प्लस वैरिएंट की गहन पड़ताल के लिए अधिकाधिक सैम्पल की जीनोम सिक्वेंसिंग कराई जाए। रेलवे, बस , वायु मार्ग से प्रदेश में आ रहे लोगों के सैम्पल लेकर सिक्वेंसिंग कराई जानी चाहिए। जिलों से भी सैम्पल लिए जाएं। रिजल्ट के अनुसार डेल्टा प्लस प्रभावी क्षेत्रों की मैपिंग कराई जाए। इससे बचाव के प्रयासों में सुविधा होगी। प्रदेश में जीनोम सिक्वेंसिंग की सुविधा के लिए केजीएमयू और बीएचयू में आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएं।विगत दिनों कराये गए सीरो सर्वे के प्रारंभिक परिणाम अच्छे संकेत देने वाले हैं। शुरुआती नतीजों के मुताबिक सर्वेक्षण में लोगों में हाई लेवल एंटीबॉडी की पुष्टि हुई है।  वायरस से इस लड़ाई में सभी की भूमिका महत्वपूर्ण है। डबल मास्क, सैनिटाइजेशन, दो गज की दूरी जैसे कोविड बचाव संबंधी व्यवहार को हमें अपनी जीवनशैली में शामिल करना ही होगा। भीड़भाड़ से बचें। थोड़ी लापरवाही, बहुत भारी पड़ सकती है।  कोरोना से बचाव के लिए टीका-कवर उपयोगी है। जून माह में हमने एक करोड़ प्रदेशवासियों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा था, 24 जून को 06 दिन शेष रहते ही, इस लक्ष्य को पूर्ण कर लिया गया। उत्तर प्रदेश में अब तक 02 करोड़ 90 लाख से अधिक वैक्सीन डोज लगाए जा चुके हैं। करीब 42 लाख लोगों ने टीके के दोनों डोज प्राप्त कर लिए हैं।  आगामी 01 जुलाई से हर दिन न्यूनतम 10 लाख लोगों को टीका-कवर देने के लक्ष्य के साथ काम किया जाए। विकास खंडों को क्लस्टर में बांटकर वैक्सीनेशन की हमारी नीति के अच्छे परिणाम मिले हैं। अभी पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यह एक तिहाई विकास खंडों में लागू है, 01 जुलाई से इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाए। कोरोना महामारी के दृष्टिगत प्रदेश की स्थिति हर दिन के साथ बेहतर होती जा रही है। संक्रमण दर 0.1 परसेंट से भी कम स्तर पर आ चुका है, जबकि रिकवरी दर 98.5 फीसदी है। ज्यादातर जिलों में संक्रमण के नए केस इकाई अंकों में आ रहे हैं, तो 50-52 से अधिक जिलों में 50 से कम एक्टिव केस ही हैं। वर्तमान में कुल एक्टिव केस घटकर 3,423 रह गए हैं। 2,078 लोग होम आइसोलेशन में उपचाराधीन हैं। अब तक कुल 16 लाख 79 हजार 416 प्रदेशवासी कोरोना से लड़ाई जीत कर स्वस्थ हो चुके हैं। 24 घंटे में एक ओर जहां 02 लाख 69 हजार 272 सैम्पल टेस्ट हुए, वहीं मात्र 226 नए पॉजिटिव केस आये और 320 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज भी हुए। उत्तर प्रदेश में अब तक 05 करोड़ 65 लाख 40 हज़ार 503 कोविड टेस्ट हो चुके हैं। विशेष पदों को छोड़कर, अस्पताल प्रशासन  प्रबंधन में चिकित्सकों की तैनाती अपरिहार्य स्थिति में की जानी चाहिए। चिकित्सक का प्रथम और प्रमुख कार्य मरीज का उपचार करना है, उन्होंने इसी सेवा के लिए अध्ययन और प्रशिक्षण प्राप्त किया है। अन्य कार्यों में उनकी तैनाती, चिकित्सकों को उनके मूल कर्तव्य से विमुख करती है। अस्पताल प्रशासन प्रबंधन के कार्यों के लिए मास्टर इन हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन अथवा हॉस्पिटल मैनेजमेंट में एमबीए उपाधिधारक युवाओं को अवसर दिया जाना चाहिए। इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए।  उत्तर प्रदेश ऑक्सीजन जेनेरेशन के क्षेत्र में आफत्मनिर्भर हो रहा है। कल 05 और प्लांट की स्वीकृति दी गई है। अब 114 ऑक्सीजन प्लांट क्रियाशील हो चुके हैं। भारत सरकार के सहयोग से पीएम केयर्स के माध्यम से निर्माणाधीन ऑक्सीजन प्लांट्स को 15 अगस्त तक क्रियाशील कर लिया जाए। मॉनीटरिंग के लिए नोडल अधिकारी तैनात किया जाए। प्लांट स्थापना से जुड़े कार्यों की सतत समीक्षा की जाए।

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